लैंड लेज़र लेवलर और उसके उपयोग
लैंड लेज़र लेवलर भूमि समतलीकरण हेतु उपयोग किये जाने वाला यंत्र है । इसे समझने के लिए इससे जुडे कुछ महत्वपूर्ण तत्वों को समझना जरूरी है जिनमे से एक है भूमि समतलीकरण
भूमि समतलीकरण
अक्सर खेतों की भूमि असमतल होती है जिससे कृषि पर काफी प्रभाव पड़ता है असमतल भूमि कृषि में अंकुरण एवं फसल के उत्पादन में असमानता का कारण बनती है यदि भूमि उबड़ खाबड़ होगी तो सिंचाई हेतु बनाई गई नालियां पानी को समान रूप से सभी क्षेत्रों तक वितरित नहीं कर पाएंगी । अक्सर खेत एक तरफ ढलान में होते हैं जिससे पानी निचले हिस्से में जमा हो जाता है और मिट्टी में नमी का वितरण सही अनुपात में नहीं हो पाता । जिस कारण से कुछ हिस्सों की फसल उत्पादन अन्य हिस्सों के मुकाबले कम हो सकने की संभावना होती है । इसी कारणवश प्राचीन काल से उसी भूमि को समतल बनाने के विभिन्न पारंपरिक तरीके चले आ रहे हैं , जिनसे पशुओं एवं औजारों के द्वारा किसान जमीन को समतल करता है ।
लैंड लेज़र लेवलर

भूमि समतलीकरण के पारंपरिक तरीकों से अक्सर कृषक पूर्णतः समतल भूमि का सृजन नहीं कर पाते जिसके फलस्वरूप उनके फसल उत्पादन पर काफी असर पड़ता है। पारंपरिक विधियां ना केवल ज्यादा थकावटपूर्ण और मेहनत भरी होती है बल्कि उनका परिणाम भी संतोषजनक नहीं होता । यही कारण है के ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण निर्माता कंपनियों द्वारा लैंड लेजर लेवलर का आविष्कार किया गया जिससे किसानों की मेहनत कम हो एवं उन्हें बेहतर भूमि समतलीकरण उपलब्ध हो सके । लैंड लेजर लेवलर एक यंत्र है जो ट्रैक्टर के पिछले हिस्से में जोड़ा जाता है एवं मशीनों द्वारा संचालित किया जा सकता है । यह पूरी तरह से विद्युत द्वारा नियंत्रित है एवं आसानी से उपयोग किया जा सकता है ।
इसके कुछ महत्वपूर्ण हिस्से हैं-
Quick Links
लेज़र ट्रांसमिटर
लेजर ट्रांसमीटर ट्राइपॉड पर जुड़ा होता है एवं लेजर किरणों को भूमि पर फेंकता है।
लेज़र रिसीवर
लेदर रिसीवर एक तरह का यंत्र है जो विभिन्न दिशाओं से आती लेजर किरणों को पकड़ता है और कंट्रोल बॉक्स तक सिग्नल पहुंचाता है।
कंट्रोल बॉक्स
कंट्रोल बॉक्स सिगनल के द्वारा ड्रैग बकेट की स्थिति सुनिश्चित करता है।
हैड्रॉलिक्स सिस्टम
हाइड्रोलिक सिस्टम का काम तेल को उठाना एवं गिराना है जिससे बकेट को नियंत्रित किया जा सके।
ड्रैग बकेट / बाल्टी
ड्रैग बकेट ट्रैक्टर द्वारा खींचा जाने वाला अथवा 3 पॉइंट लिंकेज आधारित यंत्र है।
कार्यप्रणाली
लेजर ट्रांसमिशन 1 सीध में लेजर किरणों को एक लंबी दूरी जोकि 700 मीटर तक हो सकती है फेंकता है जो भूमि की समतलता मापता है । इसी प्रणाली का अगला हिस्सा है लेजर रिसीवर जो इंफ्रारेड किरणों को पकड़ कर उन्हें इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदलता है । यह इलेक्ट्रिकल सिगनल कंट्रोल बॉक्स द्वारा विद्युत संचालित हाइड्रॉलिक वाल्व तक पहुंचते हैं जिससे हाइड्रॉलिक वाल्व ग्रेडर की ब्लेड को उठाता एवं गिराता है , ताकि यह उन इंफ्रारेड बीमा की दशा में जाता जाए । लेजर ट्रांसमीटर 360 डिग्री तक कार्यक्षेत्र में लेजर किरणे फेंकता है जिन्हें रिसीवर पकड़ कर मशीन को जमीन के समतलीकरण हेतु नियंत्रित करता है । यह सब बिना चालक के मेहनत किए स्वता ही मशीन द्वारा कर दिया जाता है ।
फायदे
लेजर लैंड लेवलर कृषि जगत में तकनीकी क्रांति द्वारा किसानों को कम मेहनत में ज्यादा उत्पादन करने में सहायता करता है । लेजर लेवलर के उपयोग से अनगिनत फायदे मिलते हैं जिनमें से कुछ हैं -
~ समय एवं सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी की कम से कम खपत
~जल एवं नमी का मिट्टी में समान वितरण
~अच्छी तरह से समतल मिट्टी की सतह
~बेहतरीन अंकुरण और कृषि में वृद्धि
~फ़र्टिलाइज़र और अन्य रसायनों का कम से कम उपयोग
लेसर लेवलर कीमत
लेसर लेवलर 50000 रुपये से शुरू होकर 4 लाख रुपये तक कि कीमत में भारतीय बाजार में उपलब्ध हैं ।
यही कारण है कि आज लगभग सभी ट्रैक्टर एवं कृषि उपकरण निर्माता कंपनियां इसके लिए ज़रूरी मुख्य हिस्से ट्रैक्टर में प्रदान करती है । एवं किसानों द्वारा इस पद्धति का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है।
Category
Write Your Comment About लैंड लेज़र लेवलर और उसके उपयोग
.webp&w=1920&q=75)
Top searching blogs about Tractors and Agriculture
13 Apr 2026
18 Dec 2025
29 Jul 2025
08 Sep 2025
03 Jul 2025
30 Jul 2025
19 May 2026
30 Jul 2025
29 Jul 2025
30 Jul 2025
09 Feb 2026
19 Mar 2026
18 May 2026
26 Dec 2025














.webp&w=2048&q=75)










.webp&w=2048&q=75)
.webp&w=2048&q=75)






















